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दो नए रूट पर चलेगी रैपिड रेल
30-November-2012

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली पर आबादी का बोझ कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के शहरों के बीच की दूरी कम करने वाली रैपिड रेल के दो और कॉरिडोर को मंजूरी दे दी गई है। दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक-हिसार और दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत के बीच रैपिड रेल चलेंगी। बृहस्पतिवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में हुई एक बैठक में इन कॉरिडोर को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई। बैठक में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, दिल्ली के उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उत्तर प्रदेश के प्रोटोकोल मंत्री अभिषेक मिश्रा सहित कई उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक के बाद कमल नाथ ने बताया कि एनसीआर योजना बोर्ड से दो नए कॉरिडोर की फिजिबिलिटी (व्यवहार्यता) रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहना दिनों-दिन महंगा होता जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि एनसीआर के शहरों का तेजी से विकास किया जाए। साथ ही दिल्ली से इन शहरों के बीच यातायात व्यवस्था सुगम बनाया जाए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कहा कि इससे हरियाणा के शहरों के विकास होगा, इसलिए उनकी सरकार हरसंभव सहायता करने के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश के मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा कि रैपिड रेल पर होने वाले खर्च में उत्तर प्रदेश सरकार को जितना भी पैसा लगाने को कहा जाएगा, वह इसके लिए तैयार हैं। तीन रूट पर खर्च होंगे 72 हजार करोड़ दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और दिल्ली-रेवाड़ी-अलवर के लिए बनने वाले रैपिड रेल कॉरिडोर पर करीब 72 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। एनसीआर योजना बोर्ड की अनुमानित राशि को बुधवार को फौरी तौर पर मंजूरी दे दी गई और तीनों कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की लंबाई करीब 90 किलोमीटर व दिल्ली-अलवर कॉरिडोर की लंबाई 180 किलोमीटर और दिल्ली-सोनीपत कॉरिडोर की लंबाई 111 किलोमीटर होगी। रैपिड रेल की खूबियां - मेट्रो की तरह एलिवेटिड होगी लाइन। - कुछ इलाकों में भूमिगत होगी। - औसत रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। - पहले चरण में छह कोच की होगी ट्रेन। - हर पांच से सात मिनट पर चलेगी ट्रेन।